गाईड फिल्म के बारे में काफी तारीफ सुन रखा था और आज मतलब शनिवार को लैपटाप पर गाईड मूवी देखने के बाद फिल्म बहुत पसंद आई......नाईट ड्यूटी करने आफिस आया तो गाईड की समीक्षा पढ़ने बैठ गया और तब पता चला कि फिल्म में किशोर साहू जी हैं जो छग के ही हैं.....उनके बारे में पहले भी जयप्रकाश चौकसे की फिल्म समीक्षाओं में पढ़ चुका था लेकिन आज और ज्यादा डिटेल से पढ़ा.....साथ ही सत्यजीत रे की सद्गति फिल्म भी देख डाली......जो मुंशी प्रेमचंद की कहानी पर बनी है......फिल्म जैसे ही शुरु हुआ मुझे अुपने गांव की याद आई लगा जैसे फिल्म में दिखाए जा रहे गांव से मेरा अपना नाता है......45 मिनट की इस फिल्म के खत्म होने के बाद मैं फिल्म की क्रेडिट लाइन देख रहा था तो अचानक कलेक्टर रायपुर मप्र का जिक्र आया साथ ही महासमुंद और छक के कुछ कलाकारों का भी जिक्र आया.....इससे मेरी जिज्ञासा बढ़ी और सर्च करने पर भिलाई के हमारे पत्रकार साथी जाकिर हुसैन का ओम पुरी के साथ लिया इंटरव्यू पढ़ने को मिला.....जिससे पता चला कि 1981 में फिल्म की शूटिंग छग के ही महासमुंद में हुई थी.....तब समझ में आया कि क्यों मुझे फिल्म देखते हुए मेरे गांव की याद आई जो छग के अधिकांश गांव की तरह ही है..... मेरे लिए आज का ये दिन कई मायनों में उपलब्धि भरा रहा.....गाईड और सद्गति जैसी क्लासिक मूवी देख लिया वहीं छग के कलाकार किशोर साहू जी के बारे में भी जानने का अवसर मिला......वहीं आज ये लगा भी कि हम छग के होकर भी कितना कम जानते हैं.....कल ही हमारे आफिस में सीओओ विद्याधर सर ने पूछा था सभी से कि छत्तीसगढ़ी दिवस कब है और पूरे न्यूजरुम में कोई नहीं बता पाया था.....उन्होंने पूछा था कि कितने लोग छत्तीसगढ़िया हैं और मेरे सहित कई लोगों ने हाथ उठाया था लेकिन उनकी एक बात बहुत अच्छी लगी कि यहां उपस्थित सभी लोग छत्तीसगढ़िया हैं......छत्तीसगढ़िया होकर भी अपने प्रदेश के बारे में कम जानने पर मुझे थोड़ी शर्म आई थी.....छत्तीसगढ़ी दिवस 28 नवंबर को है और सीओओ सर ने घोषणा की है कि पूरे नवंबर महीने को छत्तीसगढ़ी दिवस के रुप में सेलिब्रेट करेंगे.....और मैं भी छत्तीसगढ के बारे में अधिक से अधिक जानने का प्रयत्न करुंगा....
Saturday, 28 February 2015
छत्तीसगढ़ से क्लासिक फिल्मों का नाता
गाईड फिल्म के बारे में काफी तारीफ सुन रखा था और आज मतलब शनिवार को लैपटाप पर गाईड मूवी देखने के बाद फिल्म बहुत पसंद आई......नाईट ड्यूटी करने आफिस आया तो गाईड की समीक्षा पढ़ने बैठ गया और तब पता चला कि फिल्म में किशोर साहू जी हैं जो छग के ही हैं.....उनके बारे में पहले भी जयप्रकाश चौकसे की फिल्म समीक्षाओं में पढ़ चुका था लेकिन आज और ज्यादा डिटेल से पढ़ा.....साथ ही सत्यजीत रे की सद्गति फिल्म भी देख डाली......जो मुंशी प्रेमचंद की कहानी पर बनी है......फिल्म जैसे ही शुरु हुआ मुझे अुपने गांव की याद आई लगा जैसे फिल्म में दिखाए जा रहे गांव से मेरा अपना नाता है......45 मिनट की इस फिल्म के खत्म होने के बाद मैं फिल्म की क्रेडिट लाइन देख रहा था तो अचानक कलेक्टर रायपुर मप्र का जिक्र आया साथ ही महासमुंद और छक के कुछ कलाकारों का भी जिक्र आया.....इससे मेरी जिज्ञासा बढ़ी और सर्च करने पर भिलाई के हमारे पत्रकार साथी जाकिर हुसैन का ओम पुरी के साथ लिया इंटरव्यू पढ़ने को मिला.....जिससे पता चला कि 1981 में फिल्म की शूटिंग छग के ही महासमुंद में हुई थी.....तब समझ में आया कि क्यों मुझे फिल्म देखते हुए मेरे गांव की याद आई जो छग के अधिकांश गांव की तरह ही है..... मेरे लिए आज का ये दिन कई मायनों में उपलब्धि भरा रहा.....गाईड और सद्गति जैसी क्लासिक मूवी देख लिया वहीं छग के कलाकार किशोर साहू जी के बारे में भी जानने का अवसर मिला......वहीं आज ये लगा भी कि हम छग के होकर भी कितना कम जानते हैं.....कल ही हमारे आफिस में सीओओ विद्याधर सर ने पूछा था सभी से कि छत्तीसगढ़ी दिवस कब है और पूरे न्यूजरुम में कोई नहीं बता पाया था.....उन्होंने पूछा था कि कितने लोग छत्तीसगढ़िया हैं और मेरे सहित कई लोगों ने हाथ उठाया था लेकिन उनकी एक बात बहुत अच्छी लगी कि यहां उपस्थित सभी लोग छत्तीसगढ़िया हैं......छत्तीसगढ़िया होकर भी अपने प्रदेश के बारे में कम जानने पर मुझे थोड़ी शर्म आई थी.....छत्तीसगढ़ी दिवस 28 नवंबर को है और सीओओ सर ने घोषणा की है कि पूरे नवंबर महीने को छत्तीसगढ़ी दिवस के रुप में सेलिब्रेट करेंगे.....और मैं भी छत्तीसगढ के बारे में अधिक से अधिक जानने का प्रयत्न करुंगा....
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